आप सभी जानते हैं कि हमारी केंद्र और राज्य सरकार हमारे स्वास्थ्य के लिए अनेक योजनाएं शुरू करती रहती है। इन सभी योजनाओं को शुरू करने का उद्देश्य हम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करना है। राजस्थान सरकार ने राजस्थान के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य संबंधी सेवा प्रदान करने के लिए विधानसभा में Right to Health Bill पास करवाने की कोशिश की है। राजस्थान सरकार बता रही है कि यह बिल नागरिकों के लिए फायदेमंद होगा।
यह बिल विधानसभा में सितंबर 2022 में पेश किया गया था, लेकिन विपक्ष पार्टी के विरोध के कारण यह बिल पूरी तरह से पास नहीं हो पाया था। साथ ही राजस्थान के निजी चिकित्सक के डाक्टरों के द्वारा भी इस बिल को लेकर बहुत विरोध कर आ गया था। लेकिन अब इस बिल को 2024 के बजट में दोबारा पेश किया गया है। आज हम आपको इस लेख के द्वारा बताएंगे कि Right to Health Bill Kya Hai, इसके मुख्य विचार उद्देश्य, और इस बिल से जुड़ी अनेक जानकारी। कृपया आप हमारे इस लेख को पूरा एवं ध्यानपूर्वक पढ़ें।
Right to Health Bill Kya Hai
राजस्थान सरकार द्वारा Right to Health Bill पेश किया गया है। इस बिल से राजस्थान के नागरिक को किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, नामित स्वास्थ्य देखभाल केंद्र, या स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठान पर किसी भी पूर्व भुगतान के बिना आपात कालीन उपचार और देखभाल का अधिकार प्रस्तावित होगा। स्वास्थ्य के अधिकार (आरटीएच) or Right To Health विधेयक का विरोध कर रहे राजस्थान सरकार और डॉक्टरों के बीच मंगलवार को इस बिल को लेकर सहमति बन गई है। इस बिल के माध्यम से अब किसी भी अस्पताल में पैसे के कारण उपचार के लिए मरीजों को मना नहीं किया जाएगा।
साथ ही इस बिल में यह भी है कि कोई व्यक्ति किसी भी दुर्घटना ग्रस्त इंसान को समय पर अस्पताल पहुंचाता है तो उसे 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। Right to Health Bill राज्य के लिए और वहाँ के लोगों के लिए बहुत लाभदायक होगा। अब किसी भी गंभीर बीमारी के होने पर मरीज बिना किसी परेशानी के निजी अस्पताल में भर्ती हो सकेगा और समय पर अपना इलाज करवा सकेगा। साथ ही किसी भी दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को लोग अस्पताल ले जाने के लिए प्रेरित होंगे जिससे कि व्यक्ति की जान बच जाएगी और उसका समय पर इलाज हो सकेगा।
राइट टू हेल्थ बिल Key Highlights
लेख किस बारे में है | राइट टू हेल्थ बिल |
किसके द्वारा शुरू किया गया | राजस्थान सरकार द्वारा |
किसके द्वारा पेश किया गया | राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा |
विभाग | राजस्थान स्वास्थ्य, विभाग |
तारीख | 21 मार्च 2024 |
लाभार्थी | राजस्थान राज्य के सभी नागरिक |
उद्देश्य | बेहतर स्वास्थ्य संबंधी सेवा प्रदान करना |
प्रोत्साहन राशि | 5000 रुपये |
राज्य | राजस्थान |
साल | 2024 |
राजस्थान राइट टू हेल्थ बिल का उद्देश्य
राजस्थान सरकार इस बिल के माध्यम से राजस्थान के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य संबंधी सेवा प्रदान करना चाहती है। कई बार ऐसा होता है की व्यक्ति के पास पैसे न होने पर अकसर अस्पताल मरीज को भर्ती करने के लिए मना कर देते हैं जिसके कारण मरीज का समय पर इलाज नहीं हो पाता और उसकी मृत्यु हो जाती है। इस बिल के माध्यम से अब कोई भी अस्पताल किसी भी मरीज को भर्ती करने के लिए मना नहीं कर सकता और साथ ही अगर कोई इंसान किसी दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल में लेकर आता है तो उसे प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल लेकर आने के लिए प्रेरित हो।
Right to Health Bill को लेकर डॉक्टर द्वारा विरोध
हम आपको बता दें कि इस बिल को लेकर निजी चिकित्सा के डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। क्योंकि इस बिल की वजह से उन्हें इमरजेंसी में आए सभी मरीज का बिना पेमेंट के इलाज करना होगा जिससे इनकी आय में कमी होगी। डॉक्टरों का कहना है कि इस बिल से इनका नुकसान होगा। इस बिल को लेकर डॉक्टरों ने सड़क पर भी विरोध किया। इसके अलावा 5 चिकित्सकों का प्रतिनिधि मण्डल सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री से मिला और साथ ही इस बिल में कुछ बदलाव करना के लिए कहा। इस बिल के बारे में यदि आगे कोई खबर आएगी या कोई बदलाव होगा तो हम आपको अपने लेख के द्वारा बता देंगे कृपया आप हमसे जुड़े रहें।
राइट टू हेल्थ बिल में मिलने वाले फायदे
- राजस्थान सरकार द्वारा Right to Health Bill पेश किया गया है।
- इस बिल से राजस्थान के नागरिक को किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान, नामित स्वास्थ्य देखभाल केंद्र, या स्वास्थ्य देखभाल प्रतिष्ठान पर किसी भी पूर्व भुगतान के बिना आपात कालीन उपचार और देखभाल का अधिकार प्रस्तावित होगा।
- राज्य में किसी भी महामारी के दौरान राइट टू हेल्थ के अंतर्गत राज्य के सभी लोगों का इलाज, जांच, उपचार, एमर्जेंसी, डायग्नोसिस, ये सभी इस बिल में शामिल हैं।
- स्वास्थ्य के अधिकार (आरटीएच) or Right To Health विधेयक का विरोध कर रहे राजस्थान सरकार और डॉक्टरों के बीच मंगलवार को इस बिल को लेकर सहमति बन गई है।
- यदि कोई भी अस्पताल इस बिल के किसी भी नियम का उल्लंघन करता है तो उसे 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक जुर्माना भरना होगा।
- इस बिल के माध्यम से अब किसी भी अस्पताल में पैसे के कारण उपचार के लिए मरीजों को मना नहीं किया जाएगा।
- किसी भी अस्पताल के खिलाफ़ कोई भी शिकायत दर्ज होने पर 24 घंटे के अंदर उस शिकायत का जवाब दिया जाएगा और 30 दिनों के अंदर सख्त कार्रवाई भी होगी।
- किसी भी महिला पेशेंट के फिजिटल टेस्ट के दौरान वहाँ पर किसी महिला कर्मी की उपस्थिति आवश्यक है।
- इस बिल में यह भी है कि कोई व्यक्ति किसी भी दुर्घटना ग्रस्त इंसान को समय पर अस्पताल पहुंचाता है तो उसे 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
- किसी भी दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को लोग अस्पताल ले जाने के लिए प्रेरित होंगे जिससे कि व्यक्ति की जान बच जाएगी और उसका समय पर इलाज हो सकेगा।
- Right to Health Bill राज्य के लिए और वहाँ के लोगों के लिए बहुत लाभदायक होगा।
- अब किसी भी गंभीर बीमारी के होने पर मरीज बिना किसी परेशानी के निजी अस्पताल में भर्ती हो सकेगा और समय पर अपना इलाज करवा सकेगा।
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